Poems



  फिर ना उदास होना 

  Raj Kumar       2021-05-03 18:09:01

रात के बाद दिन का ही, हैं होना l
ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना ll

ये मुश्किल दौर का भी,हैं खत्म होना l
ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना 

काली घटा के बाद ही हैं, नीले आकाश का होना l
ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना ll

दुःख के बाद ही हैं, निश्चित सुख का होना l
ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना ll

पतझड़ के बाद ही हैं, हरितमय का होना l
ऐ उदास मन, फिर ना उदास  होना ll

तपती धरती के बाद ही हैं, इसको गिला होना l
ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना ll

पसीने के बाद ही हैं, शरीर का ठंडा होना l
ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना ll

आंधी के बाद ही हैं, निरव बयार का होना l
ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना l

अभी समय हैं कठिन,पर इसको  हैं फिर से सुन्दर होना l
ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना ll

जी जीवन को ऐसे, जैसे कल ये हो ना l
ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना ll

काम कर जा ऎसा,  पृथ्वी महके कोना कोना l
ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना ll

ना गुमान कर देह पे, इसको हैं मिट्टी होना l
ऐ उदास मन, फिर ना उदास  होना ll

हैं यही सत्य, किसी को नहीं हैं अमर होना l
ऐ उदास मन, फिर ना उदास  होना l

ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना.......

"स्नेहिल राज "
02.05.2021 

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