रात के बाद दिन का ही, हैं होना l ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना ll ये मुश्किल दौर का भी,हैं खत्म होना l ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना काली घटा के बाद ही हैं, नीले आकाश का होना l ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना ll दुःख के बाद ही हैं, निश्चित सुख का होना l ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना ll पतझड़ के बाद ही हैं, हरितमय का होना l ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना ll तपती धरती के बाद ही हैं, इसको गिला होना l ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना ll पसीने के बाद ही हैं, शरीर का ठंडा होना l ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना ll आंधी के बाद ही हैं, निरव बयार का होना l ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना l अभी समय हैं कठिन,पर इसको हैं फिर से सुन्दर होना l ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना ll जी जीवन को ऐसे, जैसे कल ये हो ना l ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना ll काम कर जा ऎसा, पृथ्वी महके कोना कोना l ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना ll ना गुमान कर देह पे, इसको हैं मिट्टी होना l ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना ll हैं यही सत्य, किसी को नहीं हैं अमर होना l ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना l ऐ उदास मन, फिर ना उदास होना....... "स्नेहिल राज " 02.05.2021
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