Poems



 एक रात सपनो की 

  Tushar Arya       2021-02-18 16:50:46

अब तो गहरा गई है रात चलो सो जाएं
ख़ाब में होगी मुलाक़ात चलो सो जाएं

रात के साथ चलो ख़ाब-नगर चलते हैं
साथ तारों की है बारात चलो सो जाएं

रात-दिन एक ही होते हैं जुनूं में लेकिन
अब तो ऐसे नहीं हालात चलो सो जाएं

रात की बात कहेंगे जो ये परेशां गेसू
फिर से उट्ठेंगे सवालात चलो सो जाएं

नींद भी आज की दुनिया में बड़ी नेमत है
ख़ाब की जब मिले सौग़ात चलो सो जाएं

फिर से निकलेगी वही बात कभी बातों में
फिर बहक जाएंगे जज़्बात चलो सो जाएं 

-*-*-*-*-